जौनपुर, उत्तर प्रदेश
जिले में पोषाहार वितरण व्यवस्था की समीक्षा के दौरान लापरवाही सामने आने पर मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खड़िया ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके तहत कई ब्लॉकों के बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ) और सुपरवाइजर्स को नोटिस जारी किया गया है।
जानकारी के अनुसार, आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को सुपोषित करने के लिए चने की दाल, गेहूं का दलिया, चावल और खाद्य तेल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके बावजूद कुछ क्षेत्रों में वितरण को लेकर शिकायतें मिल रही थीं।
इन अनियमितताओं को रोकने के लिए अब नई व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित कर पोषाहार वितरण करेंगी, ताकि पारदर्शिता और सही लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित हो सके।
जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि एफआरसी के माध्यम से पोषाहार वितरण में जिले की स्थिति सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है और सुधार न होने पर आगे कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल लगभग 2.27 लाख लाभार्थियों के सापेक्ष करीब 1.95 लाख लोगों तक ही पोषाहार पहुंच पाया है। बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए वितरण व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्रवाई के दायरे में मछलीशहर, करंजाकला, मुंगराबादशाहपुर सहित कई ब्लॉक शामिल हैं।










