जिला कारागार देवरिया में ‘सुरक्षित बचपन योजना’ के तहत गठित संयुक्त निगरानी समिति द्वारा निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) प्रेम नारायण सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य महिला बंदियों के साथ रह रहे 0 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के समग्र विकास एवं संरक्षण को सुनिश्चित करना था। इस दौरान बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, देखरेख, मनोरंजन और मनोसामाजिक सहायता से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
यह कार्रवाई माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद के निर्देशों के अनुपालन में की गई। निरीक्षण के दौरान कारागार में कुल पांच बच्चे पाए गए।
अपर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को शासनादेश के अनुरूप नियमित निरीक्षण और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
शिक्षा एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने बच्चों को संबंधित योजनाओं से जोड़ने की जानकारी दी। वहीं महिला कल्याण विभाग द्वारा स्पॉन्सरशिप योजना एवं मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत लाभ प्रदान किए जाने की बात कही गई।
निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक आनन्द कुमार पाण्डेय, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल गुप्ता, जेल अधीक्षक आशीष रंजन झा सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।









