देवरिया। जिले के बरहज तहसील क्षेत्र के ग्राम बारादीक्षित में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालुओं ने गोवर्धन लीला का रसपान कर भक्ति का आनंद लिया। कथा का वाचन कर रहे मर्मज्ञ वेदाचार्य गंगाधर शुक्ल ने भगवान श्रीकृष्ण की इस लीला का भावपूर्ण वर्णन किया।
उन्होंने बताया कि ब्रजवासी पहले इंद्र देव की पूजा करते थे, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें गोवर्धन पर्वत की पूजा करने का संदेश दिया। इससे नाराज होकर इंद्र ने लगातार सात दिनों तक मूसलाधार वर्षा की। तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा की और इंद्र के अहंकार को समाप्त किया। तभी से गोवर्धन पूजा की परंपरा शुरू हुई।
कार्यक्रम में मुख्य यजमान गायत्री दीक्षित, घनश्याम दीक्षित, सुमित्रा दीक्षित एवं राधेश्याम दीक्षित ने व्यास पीठ का पूजन कर आरती उतारी।
कथा के दौरान सह यजमानों सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे और भक्ति रस में डूबकर कथा का श्रवण किया। वहीं, संगीत मंडली के कलाकारों ने भजन-कीर्तन के माध्यम से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
पूरे आयोजन के दौरान गांव का माहौल पूरी तरह धार्मिक रंग में रंगा नजर आया और श्रद्धालुओं ने कथा का भरपूर आनंद लिया।










