देवरिया:
देवरिया जनपद के बरहज तहसील में प्रस्तावित घेराव कार्यक्रम को प्रशासन ने पहले ही विफल कर दिया। समाजवादी पार्टी द्वारा लक्ष्मीपुर अधिवक्ता प्रकरण को लेकर विरोध प्रदर्शन की घोषणा की गई थी, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने सपा के कई नेताओं को उनके घरों में नजरबंद कर दिया।

हाउस अरेस्ट किए गए नेताओं में जिलाध्यक्ष व्यास यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष गेना लाल यादव, विजय रावत, बेचू लाल यादव, वीरेंद्र चौधरी, संतोष यादव, मनोज यादव और रणवीर यादव शामिल हैं।

प्रशासन ने तहसील परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया। उत्तर प्रदेश पुलिस के अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) सुनील कुमार सिंह और सीओ राजेश चतुर्वेदी के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस और दो प्लाटून पीएसी को तैनात किया गया।

गौरतलब है कि 5 अप्रैल को ग्राम लक्ष्मीपुर में सड़क निर्माण विवाद के दौरान अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष विजेंद्र सिंह की मृत्यु हो गई थी। इस मामले में पांच नामजद और आठ अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज है, जबकि तत्कालीन उपजिलाधिकारी विपिन कुमार द्विवेदी को निलंबित किया जा चुका है।

फिलहाल, सपा नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने का हवाला दिया है।