परालि जलाने की लापरवाही ने किसान के सपनों को किया राख, 50 साल पुराने फलदार पेड़ जलकर नष्ट
​भागलपुर/देवरिया। मईल थाना क्षेत्र के नरियांव गांव में परालि जलाने की एक बड़ी लापरवाही ने एक किसान की वर्षों की कड़ी मेहनत और पूंजी पर पानी फेर दिया। खेत में जलाई गई परालि की आग ने इतना विकराल रूप धारण किया कि वह पास के बगीचे तक पहुंच गई, जिससे किसान के दो हरे-भरे और कीमती आम के पेड़ जलकर पूरी तरह राख हो गए।
​तेज हवाओं ने बढ़ाई आग की लपटें
​मिली जानकारी के अनुसार, नरियांव गांव निवासी किसान संजय कुमार चतुर्वेदी के बगीचे के पास स्थित एक खेत में कुछ अज्ञात लोगों ने परालि में आग लगा दी थी। उस समय चल रही तेज हवाओं के कारण आग की लपटें बेकाबू हो गईं और देखते ही देखते पास के बगीचे को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने आग पर काबू पाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन जब तक आग बुझाई गई, तब तक दो पुराने और फलदार आम के पेड़ पूरी तरह जल चुके थे।
​50 साल की मेहनत का हुआ अंत
​पीड़ित किसान संजय कुमार चतुर्वेदी ने अत्यंत भावुक होकर बताया कि जले हुए दोनों पेड़ लगभग 50 साल पुराने थे। ये पेड़ न केवल उनके परिवार की विरासत थे, बल्कि हर साल अच्छी पैदावार भी देते थे, जिससे उन्हें नियमित आय प्राप्त होती थी। पेड़ों के नष्ट होने से किसान को भारी आर्थिक क्षति के साथ-साथ गहरा भावनात्मक आघात भी लगा है।
​प्रशासन से न्याय और मुआवजे की मांग
​क्षेत्र के स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन द्वारा परालि जलाने पर कड़ा प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद कुछ लोग नियमों की खुलेआम अनदेखी कर रहे हैं। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि आसपास की फसलों और बागों पर भी हर समय खतरा मंडराता रहता है।