जिलाधिकारी दिव्या मित्तल की अध्यक्षता में विकास भवन के गांधी सभागार में बाढ़ स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक आयोजित की गई, जिसमें बाढ़ पूर्व तैयारियों की गहन समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि राहत शिविरों और बाढ़ नियंत्रण कक्षों को अभी से सक्रिय रखा जाए तथा कर्मियों की ड्यूटी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

डीएम ने तटबंधों की सतत निगरानी, रेनकट व क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत, बोल्डर, जियोबैग व अन्य आवश्यक सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नाव, नाविकों और गोताखोरों को चिन्हित कर हर स्थिति के लिए तैयार रखने को कहा गया।

उन्होंने उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण करने, राहत सामग्री की टेंडर प्रक्रिया समय से पूरी करने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं व पशु चारा की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य विभाग को गर्भवती महिलाओं व बच्चों की सूची तैयार करने, आवश्यक दवाओं व मेडिकल टीम को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए। वहीं विद्युत विभाग को ढीले तारों की जांच कर उन्हें दुरुस्त करने को कहा गया।

बैठक में पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर शंकर, मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।