जनपद के लार ब्लॉक अंतर्गत ग्रामसभा कुणडावलतारा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस श्री कृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा पंडाल भक्ति रस में डूबा नजर आया।
कथा व्यास आचार्य ब्रजेश मणि त्रिपाठी ने प्रवचन देते हुए कहा कि परमात्मा का स्वरूप व्यापक, निराकार और आनंदस्वरूप है। उन्होंने बताया कि ईश्वर की हर क्रिया लीला होती है, जबकि मनुष्य के कार्य स्वार्थ और वासना से प्रेरित होते हैं।
उन्होंने प्रह्लाद चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि सच्ची भक्ति के बल पर भगवान को भी प्रकट किया जा सकता है। साथ ही गज-ग्राह प्रसंग और वामन अवतार की कथा के माध्यम से जीवन की नश्वरता और समर्पण का संदेश दिया।
कथा के दौरान भगवान श्री कृष्ण के जन्म की मनोहारी झांकी प्रस्तुत की गई। “नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से पूरा पंडाल गूंज उठा और श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे।










