देवरिया:
देवरिया जनपद के ग्राम सभा कुण्डावलतारा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का रसपान कर भाव-विभोर हो उठे।

कथा व्यास आचार्य ब्रजेश मणि त्रिपाठी ने अपने प्रवचन में भगवान श्रीकृष्ण के बाल चरित्र का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जब भगवान पृथ्वी पर अवतार लेते हैं, तो प्रकृति स्वयं को पवित्र और सुंदर बना लेती है।

कथा के दौरान पूतना वध, शकटासुर और तृणावर्त के उद्धार की लीलाओं के साथ-साथ मृद भक्षण लीला का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया गया। इस प्रसंग में बताया गया कि जब माता यशोदा ने कृष्ण के मुख में संपूर्ण ब्रह्मांड का दर्शन किया, तो वे चकित रह गईं।

कथा व्यास ने इस लीला के आध्यात्मिक महत्व को समझाते हुए कहा कि परमात्मा अनंत और सर्वव्यापी होते हुए भी भक्त के प्रेम के वश में होकर एक साधारण बालक के रूप में प्रकट होते हैं।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भक्ति भाव से कथा का श्रवण किया। वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।