देवरिया जनपद में सोमवार को पुलिस चेकिंग के दौरान LLB छात्रों को रोके जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। छात्रों का आरोप है कि वे परीक्षा देने जा रहे थे, तभी रास्ते में पुलिस ने चेकिंग के नाम पर उन्हें रोक लिया।

छात्रों के अनुसार, उन्होंने वाहन के सभी जरूरी दस्तावेज—ड्राइविंग लाइसेंस, बीमा, रजिस्ट्रेशन और हेलमेट—दिखाए, इसके बावजूद पुलिसकर्मी उनके माथे पर लगे टीके को लेकर सवाल-जवाब करने लगे।

पीड़ित छात्रों का कहना है कि उन्होंने काफी विनती की कि उन्हें परीक्षा के लिए देर हो रही है, लेकिन पुलिस ने उन्हें समय पर नहीं जाने दिया, जिससे उनका पेपर छूट गया।

एक छात्र ने बताया कि उन्होंने कोई नियम नहीं तोड़ा था, फिर भी उन्हें सिर्फ धार्मिक चिन्ह के आधार पर रोका गया। उन्होंने एक पुलिसकर्मी के व्यवहार को अनुचित बताते हुए कहा कि मौके पर मौजूद होमगार्ड भी चालान की बात कर रहे थे।

छात्रों ने इस घटना को गंभीर बताते हुए देवरिया सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।

गौरतलब है कि ट्रैफिक नियमों के तहत केवल SI, ASI या उससे ऊपर के अधिकारी ही चालान कर सकते हैं, जबकि होमगार्ड को केवल ट्रैफिक व्यवस्था में सहयोग का अधिकार होता है। वहीं टीका, कलावा या अन्य धार्मिक प्रतीकों पर रोक लगाने का कोई प्रावधान नहीं है।

छात्रों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल उनके भविष्य को प्रभावित करती हैं, बल्कि संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता पर भी सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने प्रशासन से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है।