देवरिया। जिले में कुम्हारों और पारंपरिक कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड की समन्वित विकास कार्यक्रम योजना लागू की गई है।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी वीरेन्द्र प्रसाद ने बताया कि इस योजना के तहत मिट्टी के बर्तन, खिलौने और मूर्तियां बनाकर जीविकोपार्जन करने वाले कारीगरों को निःशुल्क विद्युत चालित चाक मशीनें प्रदान की जाएंगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जनपद को 45 मशीनों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है।
उन्होंने बताया कि इस योजना के लिए आवेदक की आयु 18 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए तथा प्रत्येक परिवार से केवल एक ही व्यक्ति आवेदन कर सकता है। जिन परिवारों को पहले किसी सरकारी योजना के तहत चाक मशीन का लाभ मिल चुका है, वे पात्र नहीं होंगे।
इसके अतिरिक्त जनपद को 2 पगमिल मशीनों का भी लक्ष्य मिला है, जिसके लिए वही अभ्यर्थी पात्र होंगे, जो वर्ष 2019-20 से 2025-26 के बीच मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के तहत वित्तपोषित हो चुके हैं।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी ने बताया कि दोनों योजनाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। इच्छुक अभ्यर्थी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट upmatikalaboard.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन की अंतिम तिथि 27 मई 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन के साथ फोटो, आधार कार्ड, राशन कार्ड, शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र, ग्राम प्रधान द्वारा जारी निवास प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा।










