मुंबई
संगीत की दुनिया में अपनी मधुर आवाज से पहचान बना रहीं खुशी ठाकुर आज एक उभरती हुई प्रतिभा के रूप में सामने आ रही हैं। सैड और रोमांटिक गानों में उनकी खास पकड़ उन्हें अन्य गायिकाओं से अलग बनाती है, वहीं उनकी वर्सटाइल सिंगिंग शैली उन्हें तेजी से लोकप्रिय बना रही है।

मुंबई में “वॉइस ऑफ वैली” के नाम से जानी जाने वाली खुशी ने अपनी सुरीली आवाज और शानदार लाइव परफॉर्मेंस के जरिए यह पहचान हासिल की है। उन्होंने संगीत की विधिवत शिक्षा ली है और अपनी कला को निखारने के लिए नियमित अभ्यास करती हैं। बचपन से ही संगीत के प्रति उनका झुकाव रहा है, साथ ही वह भरतनाट्यम जैसी शास्त्रीय नृत्य कला में भी प्रशिक्षित हैं।

खुशी ने अपने प्लेबैक सिंगिंग करियर की शुरुआत फिल्म लव के फंडे के “अनमोल मस्का” गीत से की। इसके बाद उन्होंने लगातार सफलता की ओर कदम बढ़ाए और अब तक 20 से अधिक हिंदी और पंजाबी म्यूजिक वीडियो में अपनी आवाज दी है।

लाइव परफॉर्मेंस में भी वह पीछे नहीं हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध सैफई महोत्सव में अपनी प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीता है। इसके अलावा कई स्टेज शो और सरकारी कार्यक्रमों में भी अपनी गायकी का जादू बिखेरा है।

खुशी ठाकुर का सपना बॉलीवुड में एक सफल प्लेबैक सिंगर बनना है। उनके संगीत गुरु कमलेश समान्या हैं, जिनसे उन्हें लगातार मार्गदर्शन मिलता है। उन्होंने पंजाबी फिल्म में दर्शन लख्खेवाला के साथ डुएट सॉन्ग भी गाया है और वेब सीरीज़ के लिए भी अपनी आवाज दी है।

खुशी पुराने गीतों के रीक्रिएट, कवर सॉन्ग और रीमिक्स में भी अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। वह किशोर कुमार, अरिजीत सिंह, विशाल मिश्रा और श्रेया घोषाल के गीत सुनना पसंद करती हैं। साथ ही लता मंगेशकर और आशा भोसले को अपना आदर्श मानती हैं।

सिंगिंग के अलावा खुशी ने 50 से अधिक पहाड़ी गढ़वाली म्यूजिक वीडियो में अभिनय कर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी उनकी अच्छी-खासी फैन फॉलोइंग है।

उनके अपकमिंग प्रोजेक्ट्स में “राइजिंग रोनाल्डो” जैसे ट्रिब्यूट सॉन्ग के साथ “वो जो पास था मेरे” और “तू मुझमें क्यों नहीं” जैसे गाने शामिल हैं।

खुशी ठाकुर अपने फैंस को धन्यवाद देते हुए कहती हैं कि उनका प्यार और समर्थन ही उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा है। अपनी मेहनत और लगन के दम पर वह आने वाले समय में संगीत की दुनिया में बड़ा नाम बनने की ओर अग्रसर हैं।