सुशील कुमार शुक्ला
ब्यूरो चीफ लखनऊ दि फेस ऑफ इंडिया
लंका थाना क्षेत्र में खुद को पत्रकार बताने वाले एक व्यक्ति पर 44 लाख रुपये की ठगी का गंभीर आरोप सामने आया है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने सोशल मीडिया पर एक ग्रुप बनाकर उसमें कई पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी जोड़ रखा था। इसी का लाभ उठाकर वह खुद को प्रभावशाली पत्रकार बताता रहा और लोगों पर धौंस जमाता था।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी का किसी मान्यता प्राप्त मीडिया संस्थान से कोई संबंध नहीं है। इतना ही नहीं, उसकी शैक्षणिक योग्यता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि उसने अखबार का लोगो लगाकर और खुद को पत्रकार बताकर लोगों का विश्वास हासिल किया और उसी भरोसे की आड़ में लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी सोशल मीडिया ग्रुप में अधिकारियों की मौजूदगी दिखाकर अपना प्रभाव स्थापित करता था, जिससे आम लोग उसे एक प्रभावशाली पत्रकार मान लेते थे। इसी कारण कई लोग उसके झांसे में आ गए और आर्थिक रूप से ठगी का शिकार बन गए।
अब 44 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति बिना किसी वैध पहचान और न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के केवल अखबार का लोगो लगाकर खुद को पत्रकार बताता रहा, तो इस पर पहले ही कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
स्थानीय नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के मामलों पर रोक लगाई जा सके।









